20 साल से गांवों की सेवा कर रहे ग्राम रोजगार सेवकों ने उठाई आवाज, मुख्यमंत्री के नाम भेजा मांगपत्र — ₹24 हजार मानदेय, कैशलेस इलाज समेत चार मांगों के समाधान की मांग
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ जिला इकाई सहारनपुर ने ग्राम रोजगार सेवकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के नाम मांगपत्र भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। संघ की ओर से भेजे गए मांगपत्र में कहा गया है कि ग्राम रोजगार सेवक पिछले करीब 20 वर्षों से ग्राम पंचायतों में अपने पद पर कार्य करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मनरेगा सहित गांवों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली योजनाओं में भी ग्राम रोजगार सेवकों की अहम जिम्मेदारी है।
संघ ने मांगपत्र के माध्यम से सरकार से मांग की है कि 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को पूरा कराया जाए। इसके साथ ही ग्राम रोजगार सेवकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है। संघ ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं पर शासन को गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
मांगपत्र में ग्राम रोजगार सेवकों के लिए न्यूनतम 24 हजार रुपये मानदेय किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। साथ ही मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए पृथक बजट की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में रोजगार सेवक लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, इसलिए उनकी आर्थिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।
इसके अलावा संघ ने मृतक आश्रितों के लिए जारी शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग भी की है। संगठन ने सरकार से अपील की है कि ग्राम रोजगार सेवकों की सभी लंबित समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराया जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
मांगपत्र के अंत में संघ की ओर से मुख्यमंत्री से उपरोक्त समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। अब ग्राम रोजगार सेवकों को शासन की ओर से उनकी मांगों पर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

