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बसंत उपाध्याय ने ट्रेडिशनल लाठी खेल को विशेष प्रोत्साहन देने की सरकार से करी मांग, स्टेट रेफरी एंड जज सेमिनार का आयोजन कर प्रतिभाओं को तलाशा।

तीरंदाजी, तलवारबाजी,गदा युद्ध जैसे पारंपारिक खेलों के बाद अब ट्रेडिशनल लाठी खेल भी लोकप्रियता की ओर बढ़ता जा रहा है. इसका अनुमान आप इसी से लगा सकते हैं कि इस खेल मैं खिलाड़ी प्रतिभाग कर अपनी कला का हुनर बिखेर रहे हैं.

ट्रेडिशनल लाठी स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के सेक्रेटरी बसंत उपाध्याय ने बताया कि देवबंद स्थित बसंत कराटे एकेडमी पर ट्रेडीशन लाठी का उत्तर प्रदेश स्टेट रेफरी,जज सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 7 जिलों के कोचो ने प्रतिभाग किया. उन्होंने बताया की सेमिनार में मुख्य अतिथि के रुप में पधारे दिल्ली से आए ट्रेडिशनल लाठी स्पोर्ट्स एसोसिएशन इंडिया के जनरल सेक्रेटरी राजेश चौधरी के द्वारा प्रतिभाग कर रहे कोचों को ट्रेडीशन लाठी खेल के बारे में विस्तार से जानकारी देकर इस खेल के महत्व को बताया.

जनरल सेक्रेटरी राजेश चौधरी के द्वारा सेमिनार मे प्रतिभाग कर रहे कोचों का एग्जाम लेकर पास हुए प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.

मुख्य अतिथि राजेश चौधरी ने बताया कि जिस तरह देश में तीरंदाजी तलवारबाजी गदा युद्ध जैसे पारंपरिक खेल लोकप्रियता की ओर बढ़ रहे हैं उसी तरह ट्रेडीशन लाठी खेल मैं भी खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रतिभाग कर इस खेल का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.

सेमिनार आयोजक बसंत उपाध्याय ने सरकार से मांग की कि ट्रेडिशनल लाठी को विशेष प्रोत्साहन देकर इसको ओलंपिक संघ व खेल मंत्रालय भारत सरकार से मान्यता दी जाए.

सेमिनार मे डॉ मसूद, निखिल कुमार, विनोद पटेल,दीपांशु धीमान, सुमित सिंह, गौतम,निशू रानी,कार्तिकेय शर्मा, शगुन, रुद्र जैन आदि उपस्थित रहे

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