सड़क हादसे में जान गंवाने वाली सिपाही सविता और मीनू पर अपने अपने परिवारों की जिम्मेदारियां थीं। दोनों ही इकलौती कमाने वाली थीं। सविता छह बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। कड़ी मेहनत कर वह पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुई थी। सविता पूरे परिवार की जिम्मेदारियां उठा रही थी। छोटी बहनों और भाई को पढ़ा रही थी। मौसेरे भाई श्रीकांत ने बताया कि सविता की पांच बहन एलीस, मोहिनी, सीनू, प्रांजली, करीना और भाई ऋषभ है। एक अप्रैल 2021 को सविता के पिता अर्जुन सिंह की मौत हो गई थी।
सविता कहती थी कि वह अपनी दो छोटी बहनों की शादी करने के बाद ही शादी करेगी। 25 जनवरी को वह अवकाश लेकर घर गई थी। एक सप्ताह रुकने के बाद वह ड्यूटी पर वापस चली गई थी। अब वह फिर से छुट्टी लेकर घर जाने की तैयारी कर रही थी। उससे पहले ही वह हादसे का शिकार हो गई। भाई बहन और मां ज्ञानवती का रो-रोकर बुरा हाल है।
उधर, मीनू के पिता गुरदास मजदूरी करते हैं। बड़ा भाई मोहित की शादी हो चुकी है। छोटा भाई अरुण पढ़ाई कर रहा है जबकि मां बबली है। परिवार के लोगों ने बताया कि रात को ड्यूटी जाने से पहले मीनू ने घर बात की थी। वो कुछ दिन में छुट्टी मिलने पर घर जाने की बात कह रही थी।
*पुलिस लाइन में दी अंतिम सलामी , फूट फूटकर रोईं महिला सिपाही*
पोस्टमार्टम होने के बाद दोनों सिपाहियों के शव पुलिस लाइन लाए गए। यहां उन्हें अंतिम समाली दी गई। इस दौरान परिजनों के अलावा कई महिला सिपाही भी रोने लगीं। डीआईजी शलभ माथुर, एसएसपी हेमराज मीना, एसपी देहात संदीप कुमार मीना, एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, एसपी यातायात अशोक कुमार सिंह, सीओ सिविल लाइंस अनूप सिंह समेत अधिकारी व कर्मचारी ने अंतिम सलामी दी।
*महिला सिपाहियों ने एक साथ पाई थी नौकरी कई थानों में रहीं साथ, मौत भी साथ ले गई*
सोनकपुर थानाक्षेत्र में सड़क हादसे में जान गंवाने वाली दोनों महिला सिपाहियों ने एक साथ ही नौकरी पाई थी और कई थानों में एक ही साथ रहीं। दोनों एक ही जनपद की रहने वाली थीं। उन्हें मौत भी एक साथ ही ले गई।
बुलंदशहर जनपद के गुलावठी के करीमनगर बनबोई निवासी गुरदास की बेटी मीनू 22 वर्ष और बुलंदशहर जिले के ही थाना अरनिया के नायसर गांव निवासी अर्जुन सिंह की बेटी सविता 27 वर्ष एक साथ दो जून 2021 को पुलिस में भर्ती हुई थीं। सोनकपुर में दस जनवरी 2022 को दोनों ने एक साथ डयूटी ज्वाइन की थी। सोनकपुर से पहले थाना कटघर में दोनों एक साथ रहीं थीं।
*साथ रही थी दोनों सिपाही*
सोनकपुर थाने के पुलिस कर्मियों से जानकारी करने पर पता चला कि दोनों महिला सिपाही मीनू और सविता अक्सर सहेली के रूप में साथ रहती थीं। दोनों अक्सर अपनी ड्यूटी भी साथ साथ करती थीं। बिलारी की नुमाइश में भी दोनों की एक साथ ही ड्यूटी लगी थी। थाना सोनकपुर से प्रतिदिन दोनों एक साथ स्कूटी से नुमाइश ड्यूटी पर आती थीं और साथ ही वापस लौटती थीं। रविवार आधी रात को जब वह बिलारी की नुमाइश में ड्यूटी दे रही थीं तब कोतवाली बिलारी के पुलिस कर्मियों से बड़े खुशी के माहौल में मिली थीं और ड्यूटी पूरी करके वापस थाना सोनकपुर लौटते समय कहा था कि कल शाम को दोबारा ड्यूटी पर मिलेंगे। उन्हें पता नहीं था कि वह दोबारा नुमाइश ड्यूटी पर नहीं आ सकेंगी।

