(बेहट सहारनपुर)
सहारनपुर माहीपुरा बेल वाली मस्जिद में बयान करते हुए मौलाना अमजद अली कासमी ने शबे बरात के बारे में विस्तार से बताया की शबे बरात इबादत के लिए सबसे बेहतर रात है किसी सूरत में इसे गफलत से ना गुजारा जाए इस मुबारक रात में अल्लाह ताला लोगों को जहन्नुम से आजाद कराता है कुछ बदनसीब बंदे ऐसे भी हैं जिनकी इस रात में भी बक्शीश नहीं होगी नंबर 1 शराबी नंबर 2 मां-बाप को तकलीफ पहुंचाने वाला नंबर 3 बलात्कारी नंबर 4 जादूगर नंबर 5 चुगल खोर नंबर 6सूद खोर अल्लाह के रसूल ने फरमाया शाबान मेरा महीना है रमजान अल्लाह का महीना है रमजान से पहले शाबान का महीना आता है जिसको गुनाहों को माफ कराने का महीना कहा जाता है इसमें एक रात ऐसी भी आती है जिसमें अल्लाह अपने गुनाहगार बंदों की भी दुआएं सुनता है और उन्हें जहन्नुम से निजात देता है यह बात जमालपुर से आए मौलाना अमजद अली कासमी ने बतौर मुख्य वक्ता कही इस दौरान मोमिन भाइयों ने रात भर जाग कर खुदा की इबादत की और अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए मुल्क में खुशहाली अमन व अमान की कामनाएं की

