शिव रात्रि को लेकर शिव मंदिरों में कई दिन से तैयारियां चल रही थी। भूतेश्वर मंदिर सहारनपुर, प्राचीन मंदिर बरसी तीतरौ, गुड़छप्पर मंदिर गंगोह, शिव मंदिर शिव चौक, महादेव कुटी गंगोह, पुरूषार्थी धर्मशाला शिव मंदिर गंगोह, बनखण्डी महादेव मंदिर सरसावा, बड़ा शिवालय गंगोह, सर्राफ बाजार स्थित शिव गंगोह मंदिर आदि मंदिरों में सजावट का काम कर लिया गया है। सोमवार को शिव मंदिर जगमगा उठे। बाजार में व्रत की सामग्री की बिक्री भी आरंभ हो गई है। पर्व को लेकर बाजार में भी चहल-पहल रोजाना से कुछ ज्यादा रही। मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ के आयोजनों की तैयारियां भी पूरी कर ली गई है। पुरूषार्थी धर्मशाला शिव मंदिर में रात्रि जागरण में भगवान शिव का गुणगान भी होगा। शिव रात्रि पर्व को देखते हुए कावड़ लाने वालों का सिलसिला भी तेज हो गया।
दौलतपुर यमुना पुल आवागमन के लिए गत वर्ष, खोल दिया गया था इसलिए इस बार कावंडियों ने इस मार्ग पर आवाजाही बढ़ा दी है। रास्ते में अनेक स्थानों पर सेवा शिविर भी लगाए गए। इन शिविरों में सैंकड़ों शिव भक्त रात्रि में विश्राम करने को ठहरे। सुबह हर-हर, बम-बम के उद्घोष के साथ कावडिए अपने गंतव्य की और रवाना हो गए। अधिकतर कावडिए हरियाणा की और रवाना हो गए है। कृष्णा कालेज के पास लगाए शिविर में अरविंद कपूर, अरविंद्र मखीजा, मोहित गोयल, नवीन पांचाल, अभिशेक पांचाल, आरव शर्मा, पीयूष मित्तल, अंकित शर्मा, अरविंद शर्मा, सुरेश अरोड़ा, लक्की सरदाना आदि का योगदान रहा। शिव चौंक स्थित पंचायती धर्मशाला में सुभाष गर्ग, सत कुमार आदि का योगदान रहा। शिविर में दवाई का भी इंतजाम किया गया था।

