बेहट
तहसील बेहट के जमालपुर में मंगलवार को रुक-रुक कर हो रही बारिश से अमजद पुत्र अब्दुल सलाम का टीन सेड से बना कच्चा मकान बारिश के चलते भरभरा कर गिर गया था। सौभाग्य रहा कि उस समय घर के अंदर बच्चे मौजूद नही थे। अमजद की पत्नी अंदर बैठी हुई थी जैसे ही मकान की दीवार गिरी वह तुरंत बाहर निकल गई तभी अचानक कड़ियों सहित पूरा टीन सेड का मकान नीचे गिर पड़ा। दीवार गिरते समय महिला को हल्की चोटें भी आई हैं। गनीमत रही वरना बड़ा हादसा भी हो सकता था।
मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पालने वाले अमजद के पास रहने के लिए टी-शर्ट से बना सिर्फ एक यही मकान था। मकान के गिरने से घर में रखा कीमती सामान भी लगभग नष्ट हो चुका है पीड़ित परिवार का हजारों रुपए का सामान क्षतिग्रस्त हुआ है। सर से छत चले जाने के कारण परिवार खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर है और अधिकारियों से अपनी गुहार लगा रहा है। अमजद का कहना है वह पहले भी कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुका हूं अभी कुछ दिन पूर्व बेहट तहसील दिवस में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अधिकारियों को प्रार्थना पत्र के माध्यम से आवास की मांग की थी। 2 दिन के बाद जांच के लिए आए अधिकारियों ने जांच की थी लेकिन आवेदक को अब तक रहने को आवास मुहैया नही हो पाया। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। मजदूरी करके परिवार चलाता है परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है जो पक्का मकान बना सके। हालांकि हादसे की खबर मिलते ही हल्का लेखपाल ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार की स्थिति के बारे में रिपोर्ट तैयार की है और परिवार को आश्वस्त किया है कि विभाग उनकी हर संभव मदद करेगा।
रिपोर्ट: चौधरी जावेद

