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जिला अस्पताल से चोरी हुआ नवजात 56 घंटे में बरामद, पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार।

जिला अस्पताल से चोरी हुआ नवजात 56 घंटे में बरामद, पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार।

 

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, सहारनपुर से हरिद्वार तक पुलिस ने खंगाले रास्ते; बच्चे को सकुशल परिजनों को सौंपा

 

सहारनपुर। जिला अस्पताल सहारनपुर से चोरी हुए नवजात शिशु को थाना जनकपुरी पुलिस, सर्विलांस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई ने महज 56 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने बच्चे को चोरी करने के बाद उसे बहादराबाद स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था। पुलिस ने नवजात को बरामद कर उसकी मां और परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

 

जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को ग्राम शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम ने थाना जनकपुरी में तहरीर देकर बताया था कि जिला अस्पताल में एक अज्ञात महिला उसके नवजात पुत्र को इंजेक्शन लगवाने के बहाने अपने साथ ले गई और उसे बच्चे की फाइल लेने के लिए भेज दिया। जब वह वापस लौटा तो महिला और नवजात दोनों गायब थे। मामले में थाना जनकपुरी पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में थाना जनकपुरी, सर्विलांस और स्वाट टीम की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में संदिग्ध महिला नवजात को लेकर अस्पताल से बाहर निकलती दिखाई दी।

 

पुलिस ने महिला के आने-जाने के रास्ते की एक-एक कड़ी जोड़ते हुए ई-रिक्शा, बस और अन्य वाहनों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में महिला के सहारनपुर से घंटाघर, छुटमलपुर, भगवानपुर, इमलीखेड़ा, धनौरी और बहादराबाद की ओर जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश और निगरानी तेज कर दी।

 

पुलिस की लगातार मेहनत और सतर्कता का नतीजा यह रहा कि 23 सितंबर की शाम देहरादून हाईवे के नीचे बड़कला मोड़ के पास संदिग्ध महिला को नवजात के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार महिला की पहचान आशु पुत्री बालकिशन, निवासी तीतरो, सहारनपुर, हाल निवासी आशु पत्नी अंकुर, बहादराबाद, हरिद्वार के रूप में हुई है।

 

संतान न होने की बात बताकर बताई बच्चे चोरी करने की वजह

 

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने कथित तौर पर बताया कि उसकी शादी को करीब चार वर्ष हो चुके थे, लेकिन उसके कोई संतान नहीं थी। इसी कारण वह बच्चा चाहती थी। पुलिस के अनुसार, महिला ने एक निजी अस्पताल की महिला चिकित्सक और उसके स्टाफ से संपर्क किया था। आरोप है कि इसी योजना के तहत उसने जिला महिला अस्पताल से नवजात को उठाया और बाद में उसे बहादराबाद के एक निजी अस्पताल में ले गई।

 

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में महिला ने निजी अस्पताल में नकली प्रसव संबंधी रिपोर्ट तैयार किए जाने की बात भी बताई है। इस संबंध में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 142 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।

 

नवजात के सकुशल मिलने की खबर के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद बच्चे को उसकी मां और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। गिरफ्तार अभियुक्ता को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

 

इस पूरी कार्रवाई में थाना जनकपुरी प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चीमा, एसओजी प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सक्सेना, स्वाट प्रभारी नीरज पंवार, उपनिरीक्षक शिवराज तोमर, महिला उपनिरीक्षक मोनिका यादव सहित थाना जनकपुरी, स्वाट और सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

रिपोर्ट—प्रमोद कुमार

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