सहारनपुर। थाना मिर्जापुर पुलिस ने अस्पताल खोलने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में फरार चल रहे पति-पत्नी को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अस्पताल स्थापित करने का सपना दिखाकर शिकायतकर्ता को अपने साथ साझेदारी करने के लिए तैयार किया। विश्वास कायम करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और करीब 39 लाख 15 हजार 829 रुपये की धनराशि प्राप्त कर ली। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो अस्पताल शुरू किया गया और न ही पीड़ित की रकम लौटाई गई। इसके बाद पीड़ित की तहरीर पर थाना मिर्जापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। प्रभारी निरीक्षक सूबे सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सटीक सूचना के आधार पर मेरठ निवासी डॉ. नितिन को स्पोर्ट्स कॉलेज जाटोवाला के पास से तथा उसकी पत्नी अन्नू को बादशाहीबाग बस स्टैंड के समीप से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के निवेश, साझेदारी या व्यवसायिक समझौते से पहले संबंधित व्यक्ति और दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें, ताकि इस प्रकार की ठगी से बचा जा सके।

