देवभूमि में गूंजा डॉ. शाजिया नाज का सम्मान, राष्ट्रीय गौरव सम्मान से बढ़ा उत्तराखंड का मान।
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में समाजसेवा, शिक्षा और जनहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली डॉ. शाजिया नाज को प्रतिष्ठित “राष्ट्रीय गौरव सम्मान” से सम्मानित किया गया। 12वें योग दिवस पर आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश और देश की कई जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
समारोह के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. राव गुलबहार ने डॉ. शाजिया नाज का फूलों की माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं आजाद अली और डॉ. करण सिंह सैनी ने उन्हें सम्मान की पगड़ी पहनाकर उनके सामाजिक योगदान को नमन किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ डॉ. शाजिया नाज का अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रख्यात साहित्यकार Ramesh Pokhriyal Nishank तथा डीजी बंशीधर तिवारी मौजूद रहे। उनके सान्निध्य में आयोजित इस समारोह ने सम्मान और प्रेरणा का नया अध्याय लिखा। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सिंघल और अरशद राणा (संपादक, शाह अलर्ट) की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रयासों से यह आयोजन यादगार बन गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. शाजिया नाज ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो समाज के उत्थान और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माला और पगड़ी सिर्फ सम्मान का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास भी कराते हैं। यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण एवं निष्ठा के साथ जनहित में कार्य करने की प्रेरणा देगा।
उन्होंने अपने शुभचिंतकों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के विश्वास और दुआओं की बदौलत ही उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में उनका प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
योग दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान न केवल डॉ. शाजिया नाज की उपलब्धियों का प्रमाण है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा भी है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
“राष्ट्रीय गौरव सम्मान” से सम्मानित होकर डॉ. शाजिया नाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समर्पण, सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता ही व्यक्ति को वास्तविक सम्मान दिलाती है।

