केंचुआ पालन में है बंपर कमाई,जय एग्रो बायो साइंस के साथ मिलकर इस तरह शुरू करें इसका बिजनेस बढ़ जाएगी इनकम
रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरक शक्ति कमजोर हो गई है. खास कर अंधाधुंध रासायनों के उपयोग से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से मौजूद केंचुए और अन्य पोषक जीवाणु विलुप्त से हो गए हैं. ऐसे में पैदावार पर भी असर पड़ा है. लेकिन, अब किसान केंचुए खरीद कर अपने खेतों में डाल रहे हैं, ताकि मिट्टी पहले की तरह ही प्राकृतिक रूप से उर्वर हो जाए और फसल की उपज क्षमता बढ़ जाए. यही वजह है कि अब लोग केंचुआ पालन का बिजनेस कर रहे हैं. इससे केंचुआ पालकों की अच्छी कमाई हो रही है. जय एग्रो बायो साइंस किसानों के लिए बहुत अच्छी पहल के साथ मिलकर अच्छी इनकम दे रहा है,तो आइए जानते हैं। दरअसल, केंचुआ मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बढ़ा देता है. यह खेत में फसलों के लिए जैविक खाद के रूप में काम करता है. केंचुआ खेत में लगातार उपर- नीचे करते रहता है. इससे मिट्टी में कई छिद्र बन जाती है, जिससे हवा और बारिश का पानी जमीन के नीचे अच्छी तरह से चले जाते हैं. या एक शब्द में कहें कि मिट्टी में पानी धारण करने की शक्ति बढ़ जाती है. इसी के चलते केंचुआ को किसानों को मित्र कहा गया है।
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