गैंगेस्टर एक्ट कोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन डालने का आदेश,दो माह तक नहीं होगी कोई कार्रवाई
सहारनपुर : हाईकोर्ट ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके चार पुत्रों के खिलाफ दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमें में राहत दिया है। कोर्ट अग्रिम जमानत न देते हुए आदेश दिया है कि गैंगेस्टर एक्ट इस मुकदमें उक्त पाचों के खिलाफ दो माह तक कोई कार्रवाई नहीं होगी और इस मामले में हाजी इकबाल को जिले स्तर पर गैंगेस्टर एक्ट की कोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाना होगा।
सनद रहे कि बीते 9 अप्रैल 22 पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके चार पुत्रों सहित राव लईक और नसीम के खिलाफ थाना मिर्जापुर में गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दायर किया था। गैंगेस्टर एक्ट में नसीम,राव लईक और हाजी इकबाल के एक पुत्र अलीशान को जेल भेज चुकी है। इस मुकदमें जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और राजस्व प्रशासन ने नसीम की 21 करोड की प्रापर्टी 30 अप्रैल 22 को और हाजी इकबाल की 107 करोड़ की प्रापर्टीज 14 मई 22 को नियमानुसार कुर्क कर चुकी है। हाईकोर्ट के केस नंबर 3999/2022 मो.अफजाल व 4 अन्य में बीते 12 मई 22 को न्यायधीश विवेक कुमार सिंह की एकल बेंच द्वारा दिए गए निर्णय के संदर्भ में हाजी इकबाल के अधिवक्ता आई.बी.यादव ने बताया कि थाना मिर्जापुर में दर्ज केस काईम नंबर 83/22 में कोर्ट ने अग्रिम जमानत न देते हुए दो माह का समय हाजी इकबाल और उनके पुत्रों को दिया कि वह गैंगेस्टर एक्ट की कोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन डालें और वहां से इसका निस्तारण दो माह में कराये। इस दो माह में हाजी इकबाल और उनके पुत्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाते
हुए मुकदमें को समाप्त कर दिया है।

