सहारनपुर : यौमे आशुरा को हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व करबला के शहीदो की याद मे मजलिस का आयोजन गया- इसमे या हुसैन या हुसैन या अब्बास या अब्बास की सदाएं बुलन्द की अकीदत मंदो ने जंजीर मे बंधी छुरियो से कमाह व हाथो से मातम किया सोगवारो के जिस्म से खून रिस रहा था- कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए धर्म प्रेमी आशिफ़ अली हवारी ने बताया कि कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन ने शहादत दे कर आने वाली पीढियों को जुल्म और नाइंसाफी के खिलाफ आवाज बुलन्द करने तथा सच्चाई की राह पर चलने का संदेश दिया है- आसिफ ने कहा आशूरा यानि 10 मुहर्रम का दिन हमें त्याग और बलिदान की भावना के साथ समाज को मजबूती देने तथा देश और प्रदेश के लिए किसी भी तरह की कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है।

