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गंगोह–नानौता मार्ग पर यात्रियों की जान से खिलवाड़! टाटा मैजिक में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का आरोप, पीछे खड़े होकर सफर करने को मजबूर यात्री।

🚨 सहारनपुर ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨

 

गंगोह–नानौता मार्ग पर यात्रियों की जान से खिलवाड़! टाटा मैजिक में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का आरोप, पीछे खड़े होकर सफर करने को मजबूर यात्री।

 

आखिर हादसे का इंतजार क्यों कर रहा परिवहन विभाग? अनफिट वाहनों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई कब?

 

सहारनपुर। जनपद सहारनपुर के गंगोह–नानौता मार्ग पर टाटा मैजिक वाहनों में यात्रियों को जोखिम भरे तरीके से बैठाकर ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अधिक से अधिक सवारियां भरकर कमाई करने के चक्कर में कुछ वाहन चालक यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के साथ-साथ पीछे खड़े होकर सफर करने की स्थिति भी यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

क्षमता से अधिक सवारियां, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल

 

स्थानीय मार्ग पर चलने वाले इन वाहनों में यदि निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, तो यह यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। विशेष रूप से वाहन के पीछे खड़े होकर यात्रा करना किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। तेज गति से दौड़ते वाहनों में अचानक ब्रेक लगने, संतुलन बिगड़ने या दूसरे वाहन से टक्कर होने की स्थिति में यात्रियों को गंभीर चोट लगने की आशंका बनी रहती है।

 

सवाल यह है कि आखिर कुछ चालक चंद रुपयों की अतिरिक्त कमाई के लिए यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में क्यों डाल रहे हैं? क्या वाहन में बैठने वाले यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना चालक की जिम्मेदारी नहीं है?

 

अनफिट वाहनों की सड़क पर आवाजाही पर भी उठे सवाल

 

गंगोह–नानौता मार्ग पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता और फिर भी सड़क पर संचालित हो रहा है, तो संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

 

परिवहन विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल

 

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में मार्ग पर नियमित जांच, ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई और वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन कराने की आवश्यकता है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर समय रहते कार्रवाई हो, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 

हादसा होने के बाद जागेगा प्रशासन?

 

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही सक्रिय होगा, या समय रहते जांच अभियान चलाकर लापरवाही पर रोक लगाएगा? यात्रियों की जिंदगी किसी भी चालक की अतिरिक्त कमाई से अधिक महत्वपूर्ण है। प्रशासन को चाहिए कि गंगोह–नानौता मार्ग पर संचालित यात्री वाहनों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

 

अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाते हैं।

 

रिपोर्ट: प्रमोद कुमार

सहारनपुर।

 

नोट: ओवरलोडिंग, वाहन की फिटनेस और विभागीय कार्रवाई से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही होगी।

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