“कानून नहीं, इंसाफ बाँट रहे हैं एडवोकेट आदिल चौधरी! मेरठ से सुप्रीम कोर्ट तक गरीबों की आवाज़ बने ‘मसीहा वकील’”
उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ से ताल्लुक रखने वाले एडवोकेट आदिल चौधरी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वे न सिर्फ एक कुशल और अनुभवी अधिवक्ता हैं, बल्कि समाज के गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद वर्ग के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर उभरे हैं। जहां अधिकतर लोग मुकदमे को कमाई का साधन बनाते हैं, वहीं एडवोकेट आदिल चौधरी ने कानून को सेवा का माध्यम बना लिया है।
मुकदमा विचाराधीन, फिर भी पासपोर्ट!
एडवोकेट आदिल चौधरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत ऐसे लोगों को भी पासपोर्ट की अनुमति दिलाने में सफल रहे हैं, जिनके मुकदमे अभी विचाराधीन (Pending Trial) हैं। आमतौर पर लोग यह मान लेते हैं कि आपराधिक या अन्य मामलों में फंसे व्यक्ति को पासपोर्ट मिलना नामुमकिन है, लेकिन आदिल चौधरी ने कानून की गहराई को समझते हुए यह साबित किया कि हर आरोपी अपराधी नहीं होता, और कानून हर नागरिक को बराबरी का हक देता है।
हर तरह के मामलों में मजबूत पैरवी
एडवोकेट आदिल चौधरी विभिन्न प्रकार के मामलों में निपुण माने जाते हैं, जिनमें शामिल हैं—
आपराधिक मामले:
जैसे चोरी, हिंसा, ड्रग्स से जुड़े केस
पारिवारिक मामले:
तलाक, बच्चा कस्टडी, घरेलू विवाद
सिविल मामले:
संपत्ति विवाद, अनुबंध और भूमि से जुड़े मामले
कॉर्पोरेट/व्यावसायिक मामले:
कंपनी विवाद, व्यापारिक समझौते, लीगल नोटिस
व्यक्तिगत चोट (दुर्घटनाएं):
सड़क हादसे, मुआवजा क्लेम
रोजगार/श्रम कानून:
नौकरी से निकाले जाने, वेतन विवाद, श्रमिक अधिकार
इन सभी मामलों में वे न सिर्फ कानूनी लड़ाई लड़ते हैं, बल्कि मुवक्किल को कानून की सही और ईमानदार जानकारी भी देते हैं।
गरीबों के लिए फ्री कानूनी सलाह, फ्री लड़ाई
एडवोकेट आदिल चौधरी की समाज के प्रति सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है—
👉 गरीबों के लिए पूरी तरह मुफ्त कानूनी सलाह
👉 कई मामलों में बिना फीस के मुकदमे की पैरवी
उनका मानना है कि “इंसाफ पैसे से नहीं, हक से मिलता है”। यही वजह है कि दर्जनों ऐसे परिवार हैं, जिनके चेहरे पर आज मुस्कान है, क्योंकि आदिल चौधरी ने उनके लिए न्याय की लड़ाई मुफ्त में लड़ी।
मेरठ ही नहीं, पूरे पश्चिमी यूपी में चर्चा
आज एडवोकेट आदिल चौधरी का नाम सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। खासकर वे लोग, जो आर्थिक तंगी के कारण न्याय से वंचित रह जाते हैं, उनके लिए आदिल चौधरी कानूनी सहारा बन चुके हैं।
कानून की किताब से निकलकर ज़मीन पर इंसाफ
एडवोकेट आदिल चौधरी उन वकीलों में से हैं जो कानून को सिर्फ बहस तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे जमीनी हकीकत में लागू कराते हैं। वे यह साबित कर रहे हैं कि अगर नीयत साफ हो और कानून की सही समझ हो, तो गरीब भी न्याय पा सकता है।
👉 कहना गलत नहीं होगा कि मेरठ को मिला है एक ऐसा वकील, जो कोर्ट में दलील ही नहीं देता—बल्कि इंसाफ दिलाता है।

