सहारनपुर में मोहर्रम- करबला की जंग की याद में मातम-तकरीरें: मिर्ज़ापुर पोल में ड्रोन से निगरानी, पुलिस की कड़ी सुरक्षा के साथ निकला जुलूस।
सहारनपुर के थाना मिर्जापुर पोल में आज रविवार को मोहर्रम के मातमी जुलूस निकाला गया। मिर्ज़ापुर इमामबाडा से सुबह से मुस्लिम धर्मावलंबी जुटे। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम मनाया गया। मुख्य जुलूस की शुरुआत इमामबाड़ा से होते हुए मिर्जापुर पोल की मैन मार्केट से होते हुए बड़ा कुआं चौंक पर बड़ी संख्या में ताजिए, बुर्राक, सवारियां, परचम, अखाड़े और थाना मिर्जापुर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। मिर्ज़ापुर पोल के बड़ा कुआं चौंक में ‘या हुसैन’ की सदाएं गूंजती रहीं। मिर्जापुर में मोहर्रम की ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई। आप को बताते चले कि इमाम हुसैन की शहादत की याद इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार साल के पहले महीने मोहर्रम की 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा मनाया जाता है। इस दिन निकलने वाले जुलूस के दौरान करबला की जंग का जिक्र किया जाता है, जहां हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए शहादत दी थी। मिर्जापुर पोल में मोहर्रम के जुलूस का संचालन हाफ़िज़ सैयद मोहम्मद तहसीन और सैयद मोहम्मद मूसा ने किया। अलमदार की ज़िम्मेदारी सैयद आबिद हुसैन ने निभाई। जुलूस में बैनर, आलम, ताजिया, मातमी टीम आदि ने निर्धारित योजना के मुताबिक अपना काम अंजाम दिया। अंजुमन हुसैनिया के मुखिया रूप से सैयद अकबर अली, सैयद साजिद अली, सैयद अली रजा, सैयद राशिद अली, सैयद मोहम्मद सद्दू, सैयद नासिर अली, सैयद आबिद हुसैन, सैयद मोहम्मद आजम, सैयद नसीम अहमद, सैयद मोहम्मद इस्लाम, सैयद इंतजार, सैयद मोहम्मद मूसा, सैयद अकरम अली, सैयद सज्जाद अली, सैयद रमजान अली, कासिम आदि मोजूद रहे।

