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शिवालिक में ब्रिटिशकालीन कुएं बुझाएंगे जंगली जानवरों की प्यास

Saharanpur News – सहारनपुर के शिवालिक वन क्षेत्र में ‘मिशन भगीरथ’ के तहत ब्रिटिशकालीन कुओं को फिर से जीवंत किया जा रहा है। यह पहल जंगली जानवरों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित

सहारनपुर। वन्य जीवों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है कि शिवालिक वन क्षेत्र में ब्रिटिशकालीन कुएं जंगली जानवरों की प्यास बुझाएंगे। जी हां, कुओं को रिचार्ज करने और वाटर टैंक से जोड़ने को वन विभाग द्वारा ‘मिशन भगीरथ’ शुरू किया गया है। इसके तहत कुओं को गुरुत्वाकर्षण प्रवणता (ग्रेविटी ग्रेडिएंट) के सिद्धांत पर वनों के अंदर बने वाटर टैंक से जोड़ा गया है। इससे टैंक में साल भर साफ ताजा पानी मुहैया रहेगा। यही नहीं, टैंक भरने के बाद पानी स्वतः ही उसके साथ बने छोटे तालाब में चला जाएगा ताकि जंगली जानवर नहा भी सकें। इससे भीषण गर्मी में वन्यजीवों को पीने के पानी की किल्लत हमेशा के लिए दूर होने का काम होगा।

खास है कि गर्मी के मौसम में जहां इंसानों के लिए पानी की चिंता बढ़ जाती है, वहीं जंगलों में रहने वाले वन्य जीवों के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बन जाती है। लेकिन अब शिवालिक की पहाड़ियों में रहने वाले जंगली जानवरों की प्यास बुझाने के लिए मोहंड रेंजर लव सिंह द्वारा यह सराहनीय पहल की गई है। ‘मिशन भगीरथ नाम से शुरू किए इस विशेष प्रयास के तहत ब्रिटिशकालीन कुओं को फिर से जीवंत किया जा रहा है। इसके तहत न सिर्फ इन पुराने कुओं को साफ और रिचार्ज किया जा रहा है, वहीं इन्हें वाटर टैंकों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि गर्मियों के दौरान लगातार पानी की उपलब्धता बनी रहे। मिशन के अनुसार, पहले वाटर टैंक को भरा जाएगा, उसके बाद अतिरिक्त पानी पास में बनाए छोटे तालाब में छोड़ा जाएगा, ताकि गर्मी से राहत पाने को जंगली जानवर नहा भी सकें। वन अधिकारियों का कहना है कि ‘मिशन भगीरथ’ न सिर्फ वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करता हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं। साथ ही इससे वन क्षेत्र में जानवरों का मूवमेंट भी नियंत्रित रहेगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना कम होगी। अभी तक टैंकर से भरे जा रहे हैं वाटर होल्स वन्य जीवों के पीने के पानी को जंगल में छोटे छोटे तालाब (वाटर होल्स) भी बनाए गए हैं जिनमें अभी तक या तो प्राकृतिक तरीकों यानी बरसात आदि का पानी संचयन (इकट्ठा) किया जाता है या फिर उन्हें टैंकर आदि की मदद से भरा जाता है। विभाग के अनुसार, शिवालिक वन प्रभाग में करीब आधा दर्जन वाटर होल्स बने हैं। वर्जन… ‘मिशन भगीरथ वन्य जीवों को जंगल के अंदर जल उपलब्धता का प्रयास है जिसमें पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को साथ लाकर जंगल के भीतर निरंतर जल की उपलब्धता सुनिश्चित की है।यही नहीं, वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी यह एक सराहनीय पहल है, जो आने वाले समय में अन्य वन क्षेत्रों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है। -श्वेता सैन, डीएफओ शिवालिक वन प्रभाग सहारनपुर।

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